संदेश

जनवरी, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

🇮🇳 26 जनवरी को खान सर द्वारा.

चित्र
🇮🇳 26 जनवरी को खान सर द्वारा हॉस्पिटल का उद्घाटन: शिक्षा के बाद अब स्वास्थ्य सेवा में ऐतिहासिक कदम Khan sar Khan sir  26 जनवरी , भारत का गणतंत्र दिवस, केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं बल्कि देशसेवा के संकल्प का प्रतीक है। इसी पावन अवसर पर प्रसिद्ध शिक्षक खान सर द्वारा हॉस्पिटल का उद्घाटन किया जाना, समाज के लिए एक प्रेरणादायक और सराहनीय कदम है। खान सर, जिन्हें देशभर में उनकी सरल शिक्षण शैली और गरीब-मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए किए गए प्रयासों के लिए जाना जाता है, अब शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी योगदान दे रहे हैं। 👨‍🏫 खान सर: केवल शिक्षक नहीं, समाजसेवी भी खान सर (Khan GS Research Centre, पटना) ने हमेशा कहा है कि “शिक्षा और स्वास्थ्य—ये दोनों किसी भी समाज की रीढ़ होते हैं।” जहाँ एक ओर उन्होंने सस्ती और सुलभ शिक्षा देकर लाखों युवाओं का भविष्य संवारा, वहीं अब हॉस्पिटल के उद्घाटन के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि उनका लक्ष्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि समाज को मजबूत बनाना है। 🏥 हॉस्पिटल उद्घाटन का महत्व भारत में आज भी लाखों लोग ऐसे हैं जिन्हें महंगा इलाज निजी अस्पतालों क...

.कानपुर में पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा आरोपी, पुलिस को बताई वजह,

चित्र
उत्तर प्रदेश, के कानपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां सचिन सिंह नाम के युवक ने अपनी पत्नी श्वेता की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस पूछताछ में सचिन सिंह ने बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर शक था।, आरोपी के अनुसार, घटना वाले दिन उसने अपनी पत्नी को कुछ अन्य युवकों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा। जब उसने इसका वीडियो बनाने की कोशिश की तो उसका मोबाइल छीन लिया गया। सचिन ने पुलिस को बताया कि इसके बाद वे युवक वहां से चले गए। आरोपी के मुताबिक, पत्नी ने उससे कहा कि वह बाद में सब समझा देगी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।, आरोपी, ने पुलिस को बताया कि वह मानसिक रूप से बेहद आक्रोशित और असंतुलित हो गया था। इसी गुस्से और शक के चलते उसने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या , कर दी।, घटना के बाद सचिन सिंह खुद थाने पहुंचा और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से मामले की जांच की जाएगी और कानूनी का...

,सीमा आनंद और मुखर स्त्रियाँ: क्या सच में संस्कृति ख़तरे में है या पितृसत्ता?,

चित्र
✍️ मुखर स्त्रियाँ और समाज की असहजता मुखर स्त्रियाँ सदा से ही इस समाज की आँखों की किरकिरी रही हैं। जब भी कोई स्त्री खुलकर बोलती है, अपने अनुभव साझा करती है या स्थापित ढाँचों को चुनौती देती है, समाज का एक वर्ग तुरंत असहज हो जाता है। बीते कुछ दिनों से सीमा आनंद लगातार सुर्खियों में हैं। कारण स्पष्ट है—क्योंकि स्वघोषित संस्कृति रक्षकों और कुछ स्वयंभू साहित्यकारों को अचानक भारतीय संस्कृति तहस-नहस होती दिखाई देने लगी है।, Seema Anand 🧠 संस्कृति के ठेकेदार और चयनात्मक नैतिकता एक महोदया का मत है कि सीमा आनंद को इस उम्र में ईश्वर का नाम जपना चाहिए, जबकि एक अन्य महोदय को भय है कि वे भारतीय परिवारों को तोड़ देंगी। आश्चर्य तब होता है जब वही साहित्यकार संस्कृति का झंडा उठाए खड़े हैं, जिनकी हर दूसरी कविता स्त्री के सौंदर्य का वर्णन नग्नता की सीमा तक करती है।, क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है? क्या यह हास्यास्पद नहीं है कि स्त्री की देह पर लिखना कला है, लेकिन स्त्री की आवाज़ अपराध?  ❓ कौन तय करेगा जीने का तरीका? सबसे बड़ा प्रश्न यही है—कौन तय करेगा कि कोई दूसरा व्यक्ति कैसे...

यूट्यूबर संजय यदुवंशी की सुरक्षा पर मानवाधिकार आयोग सख्त, एसपी को जांच के निर्देश

चित्र
सुल्तानपुर/लखनऊ।,  सोशल मीडिया क्रिएटर और लोकप्रिय यूट्यूबर (sanjay yadavansi) की जान-माल की सुरक्षा को लेकर उठा मामला अब गंभीर प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की जांच कर कानून के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। आयोग की इस पहल को एक अहम और समयोचित कदम माना जा रहा है।  शिकायत पर हुई कार्यवाही, यह मामला तब मानवाधिकार आयोग के संज्ञान में आया जब इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने , आयोग में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यूट्यूबर संजय यदुवंशी को लगातार जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है, बावजूद इसके उनकी सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।  (आयोग,) ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए उसकी प्रति सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक को भेजी है और निर्देश दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जाए। ,  मानवाधिकार आयोग का स्पष्ट रुख, रा...

105 साल की वायरल दादी: फेसबुक पर छाईं दादी, पोते श्रीकांत तिवारी ने बनाया डिजिटल स्टार

चित्र
📱 105 साल की वायरल दादी: फेसबुक पर छाईं बुज़ुर्ग महिला, पोते श्रीकांत ने बनाया डिजिटल स्टार सोशल मीडिया पर रोज़ कोई न कोई कहानी वायरल होती रहती है, लेकिन कुछ कहानियाँ दिल को छू जाती हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है 105 साल की दादी की, जो आज फेसबुक पर लाखों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस वायरल दादी को सोशल मीडिया की दुनिया तक लाने का श्रेय जाता है उनके पोते श्रीकांत तिवारी को, जो एक डिजिटल क्रिएटर हैं।  👵 उम्र 105 साल, हौसला युवाओं जैसा जब ज़्यादातर लोग इस उम्र में सिर्फ आराम की ज़िंदगी की कल्पना करते हैं, वहीं यह दादी सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी से सबको हैरान कर रही हैं। उनकी सादगी, चेहरे की मुस्कान और जीवन का अनुभव लोगों को बेहद पसंद आ रहा है। दादी की वीडियो और तस्वीरें देखकर लोग उन्हें प्यार से “फेसबुक की वायरल दादी” कहने लगे हैं। 👨‍💻 पोते श्रीकांत तिवारी का अहम रोल दादी की इस डिजिटल पहचान के पीछे उनके पोते श्रीकांत तिवारी की मेहनत और सोच है। श्रीकांत एक डिजिटल क्रिएटर हैं और उन्होंने दादी के जीवन के छोटे-छोटे पलों को सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों ...

बृजेश मिश्रा का संजय के विरोधियों को करारा जवाब, अवधी के पहले सुपरस्टार बताया

चित्र
📰 भारत समाचार के बृजेश मिश्रा का संजय के विरोधियों को करारा जवाब, दिया मजबूत मार्गदर्शन  आज के दौर में जब किसी कलाकार को थोड़ी भी पहचान मिलती है, तो उसके साथ आलोचना और विरोध भी शुरू हो जाता है। कुछ ऐसा ही हाल लोकप्रिय अवधी गायक संजय के साथ भी देखने को मिला। लेकिन इस बार संजय के समर्थन में सामने आए भारत समाचार के वरिष्ठ पत्रकार बृजेश मिश्रा , जिन्होंने विरोधियों को न सिर्फ जवाब दिया बल्कि संजय को हौसला और सही दिशा भी दिखाई। 🎤 “संजय को बदनाम किया जाता है, लेकिन वह गलत नहीं हैं” – बृजेश मिश्रा बृजेश मिश्रा ने खुलकर कहा कि “हाँ, संजय को लोग बदनाम करते हैं। मैं खुद संजय का समर्थक हूँ। आप कोई गलत काम नहीं कर रहे हैं। आपने बहुत शानदार काम किया है और आपको कभी भी गिल्ट फील नहीं करना चाहिए।” उन्होंने साफ कहा कि यूथ संजय को पसंद करती है , और यही किसी भी कलाकार की सबसे बड़ी ताकत होती है। 🌟 अवधी के पहले सुपरस्टार संजय बृजेश मिश्रा ने संजय की तारीफ करते हुए कहा कि संजय अवधी के पहले सुपरस्टार हैं वह आज तक के सबसे कम उम्र के लोकप्रिय स्टार हैं उन्होंने संजय का पहला नॉन-पॉलिटिकल इंटरव्यू किय...

⚠️ Amazon COD Fake Parcel Scam: बिना ऑर्डर के घर आ रहा है पैकेज, पैसे देने से पहले सावधान!

चित्र
⚠️ Amazon COD Fake Parcel Scam: बिना ऑर्डर के घर आ रहा है पैकेज, पैसे देने से पहले सावधान! आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन शॉपिंग आम बात हो गई है, लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन ठगी (Online Fraud) के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में एक नया COD Fake Parcel Scam सामने आया है, जिसमें लोगों के घर Amazon या किसी बड़ी कंपनी के नाम से नकली पैकेज भेजे जा रहे हैं। 📦 क्या है Fake COD Parcel Scam? इस स्कैम में लोगों के घर Cash on Delivery (COD) वाला पैकेज आता है, जबकि उन्होंने कोई ऑर्डर किया ही नहीं होता । डिलीवरी बॉय पैकेज देने के बदले ₹500 से ₹1000 तक की रकम मांगता है। कई बार लोग यह सोचकर पैसे दे देते हैं कि शायद घर के किसी सदस्य ने ऑर्डर किया होगा। पैसे देने के बाद जब पैकेज खोला जाता है, तो अंदर बेकार या सस्ती चीजें निकलती हैं — या फिर कुछ भी काम का नहीं होता। 🧠 लोग कैसे फंस जाते हैं? पैकेज पर सही नाम और पता लिखा होता है Amazon या किसी जानी-मानी कंपनी का नाम होता है रकम ज्यादा नहीं होती, इसलिए लोग शक नहीं करते डिलीवरी जल्दी में होती है 🚨 कैसे पहचानें कि पैकेज फर्ज...

🕺 संजय यदुवंशी: अवधी जाट से डिजिटल स्टार तक की प्रेरणादायक कहानी,🏍️

चित्र
📌 संजय यदुवंशी: अवधी जाट से डिजिटल स्टार तक की प्रेरणादायक कहानी Ai imege. संजय यादवनसी  संजय यदुवंशी आज सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया में एक जाना-माना नाम बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव से आने वाले इस कलाकार ने अपनी मेहनत और हुनर से लाखों लोगों के दिलों में अपनी पहचान बनाई है। ( AajTak ) 🎶 कौन हैं संजय यदुवंशी? संजय यदुवंशी एक अवधी गायक, यूट्यूबर और डिजिटल क्रिएटर हैं। शुरुआती दिनों में उन्होंने कॉमेडी और संगीत को मिलाकर अपने कंटेंट से दर्शकों का ध्यान खींचा। ( AajTak ) 🛤️ संघर्ष से सफलता की यात्रा संजय की कहानी संघर्ष से भरी रही। ✔️ उन्होंने सेना और UPSC जैसी बड़ी चुनौतियों को आर्थिक कारणों से पूरा नहीं कर पाए। ✔️ वर्ष 2020 में एक स्मार्टफोन मिलने के बाद उन्होंने फ़ोन से ही डिजिटल कंटेंट बनाना शुरू किया। ✔️ उनके शुरुआती यूट्यूब चैनल ने धीरे-धीरे लोकप्रियता पाई और आज वे बड़े पैमाने पर फॉलो किए जाते हैं। ( AajTak ) उनके परिवार का समर्थन भी हमेशा उनके साथ रहा है, जिसमें माता-पिता और भाई-बहन शामिल हैं। ( AajTak ) 🚗 डिजिटल सफलता का अस संजय य...